Monday, June 14, 2010

'ठाकुरजी' को कायाकल्प का इंतजार

जोधपुर। शहर के कई प्रमुख मंदिरों पर कई लाख खर्च करने के बावजूद उनकी सूरत नहीं बदल सकी है। अब प्रत्यक्ष प्रभार वाले शहर के तीन प्रमुख 'ठाकुरजी' मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए राज्य सरकार ने देवस्थान विभाग को 25 लाख रूपए की अतिरिक्त राशि दी है। जबकि मंदिरों की स्थिति में सुधार के लिए बनी योजना को मूर्त रूप देने के लिए करीब एक करोड की दरकार है।

गत वित्त वर्ष में शहर के राज रणछोडदास मंदिर पर 29 लाख, उदयमंदिर स्थित रसिक बिहारी पर 18.5 लाख तथा रातानाडा गणेश मंदिर पर 10.5 लाख रूपए सहित कुल 58 लाख रूपए खर्च कर जीर्णोद्धार कार्य किए गए थे। इस राशि से मंदिरों की स्थिति में ज्यादा सुधार नजर नहीं आया। अब सरकार से जो अतिरिक्त राशि मंजूर हुई है, उससे गंगश्यामजी व कुंजबिहारी में पांच-पांच लाख एवं राजरणछोडदास मंदिर में 15 लाख रूपए के विकास व मरम्मत कार्य अगस्त में शुरू होंगे।

एक करोड की दरकार
राजरणछोडदासजी मंदिर कायाकल्प के लिए पांच साल पहले तत्कालीन जिला कलक्टर ने एक करोड की योजना बनाई थी। एक साथ पर्याप्त बजट नहीं मिलने से योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। मंदिर परिसर में प्राचीन शैली के कलात्मक छज्जे, गुंबद, मेहराब एवं केमिकल कोटिंग जैसे कार्य अधूरे हैं। विभाग की आय बढाने के लिए मंदिर के पीछे भूतल पर दुकानों के निर्माण एवं ओपन थिएटर तथा उद्यान विकसित करने की योजना भी अटकी हुई है।

जल्द शुरू होंगे कार्य
राजरणछोडदास मंदिर परिसर में 15 लाख रूपए की लागत से दुकानों का निर्माण एव भीतरी शहर के गंगश्यामजी व कुंज बिहारी मंदिर में 10 लाख की लागत से मरम्मत कार्य अगस्त के प्रथम सप्ताह तक शुरू हो जाएंगे।
-विजय कोचर, सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग

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