Sunday, June 13, 2010

मारवाड में बरसी आग

जोधपुर। चक्रवाती तूफान फेट का असर खत्म होने के बाद से ही निर्बाध गति से चढ रहा पारा शनिवार को समूचे मारवाड में एक बार फिर उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया। आसमान से बरसती आग में आम आदमी तो क्या पशु पक्षी भी हलकान हो गए। चिलचिलाती धूप ने सडकों को तन्दूर बना दिया। ऎसे में लोगों का बाहर निकलना मुहाल हो गया। सूर्यास्त के कई घंटे बाद भी राहत नहीं मिल सकी।
सम्भाग के जालोर व पाली जिलों में तो तापमान 46 डिग्र्री सेल्सियस को पार कर गया, जबकि सीमावर्ती बाडमेर 45.2 व जोधपुर का फलोदी कस्बा 44..8 डि.से. तापमान में झुलसते रहे। जोधपुर में भी पारा 44 डि.से. हो गया। सम्भाग में शनिवार को सभी स्थानों का तापमान 43 डि.से. से ज्यादा रहा।
सूर्यनगरी भोर की पहली किरण के साथ ही तपने लगी। जैसे जैसे सूरज चढता गया, आसमां से तीखी धूप के रूप में जैसे अंगारे बरसने शुरू हो गए। चिलचिलाती धूप में सडक पर चलना मुश्किल हो गया। ऎसे में अधिकांश प्रमुख सडकों पर दोपहर को सन्नाटा पसरा रहा। फलोदी कस्बे में पारा 44.8 डि.से. हो जाने से लोग त्रस्त हो गए। जालोर 46.6 डि.से. तापमान के साथ सम्भाग का सबसे गर्म स्थान साबित हुआ, जबकि पाली में भी अधिकतम तापमान 46.1 डि.से. रहा। बाडमेर में 45.2 डि.से. अधिकतम तापमान के साथ लू के थपेडों ने भी तन झुलसा दिया। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 43.3 डि.से. दर्ज हुआ।

No comments:

Post a Comment