Sunday, June 20, 2010

सालावास तेल डिपो में आग

जोधपुर. सालावास क्षेत्र में स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के तेल डिपो में शनिवार शाम करीब सवा चार बजे पेट्रोल भरते समय दो टैंकरों में आग लग गई। सूत्रों के अनुसार दोनों टैंकरों में पेट्रोल भरा जा चुका था और इनके वाल्व में लीकेज होने से आग लगी थी। गनीमत रही कि समय रहते इस आग पर काबू पा लिया गया, अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। जहां आग लगी, उसके आसपास आईओसी व बीपीसी के तेल डिपो है।

फायर ऑफिसर हरीश थानवी ने बताया कि सालावास स्थित एचपी के तेल डिपो में आग की सूचना पर बासनी, शास्त्री नगर, नागौरी गेट व सिविल डिफेंस की गाड़ियों को रवाना किया गया। बासनी से मौके पर दमकलों के पहुंचने तक डिपो के कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया। जानकारी के अनुसार दोनों टैंकर में पेट्रोल भरा जा चुका था और इनके वाल्व में लीकेज था। इससे टपकती पेट्रोल की बूंदों में अचानक आग लग गई। यह चिंगारी कहां से और कैसे उठी, इसके कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी तरफ हादसे के बाद कंपनी के अधिकारियों ने फोन उठाने ही बंद कर दिए।

सालावास स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के डिपो में शनिवार शाम चार बजे लगी आग बुझाने में तो ज्यादा समय नहीं लगा, लेकिन इस हादसे ने शहर की नींद उड़ा दी है। यह जानने के बाद भी, कि एक छोटी सी चिनगारी से हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है, पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों की नींद उड़ने का नाम नहीं ले रही है। यहां तक कि इस हादसे की जिम्मेदारी से बचने के लिए अधिकारियों ने अपने फोन तक बंद कर दिए।

हादसे की सूचना बासनी अग्निशमन केन्द्र को शाम 4:05 बजे मिली। इसके तत्काल बाद चार दमकलें व लूणी पुलिस मौके पर पहुंची। अपनी नाकामियों को छुपाने में लगे डिपो प्रबंधन ने दमकलों व पुलिस को भी बड़ी मुश्किल से अंदर घुसने दिया और अपने स्तर पर आग बुझाने के लिए जूझते रहे। डिपो में आग की जानकारी मिलने पर लूणी एसडीएम अनवर अली भी वहां पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

दूसरी ओर, भास्कर टीम ने एचपी के टेरिटरी डिपो मैनेजर बीएल मीणा से कार्यालय के दूरभाष नंबर पर बात करनी चाही तो वे वहां मौजूद नहीं मिले। उन्होंने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर रखा था।अन्य अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन सबके मोबाइल बंद मिले। जिला रसद अधिकारी वीपी सिंह को इस हादसे की जानकारी देकर भास्कर ने वस्तुस्थिति से अवगत करवाया तो उन्होंने एचपीसीएल के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे भी इसमें नाकाम रहे।

सुरक्षा में सुराख से बेखबर प्रबंधन

जयपुर के सीतापुरा में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दैनिक भास्कर ने अपने 5 नवंबर 09 के अंक में सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के बाद शहर के आसपास आबादी क्षेत्र से जुड़े तेल डिपो की वास्तविकता उजागर की थी। इसके अलावा बासनी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित गैस प्लांट की सुरक्षा के प्रति भी आगाह किया था। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन व तेल कंपनियों के अधिकारियों की नींद नहीं खुली है।

इसका प्रत्यक्ष उदाहरण शनिवार को देखने को मिला। कंपनी अधिकारियों ने लूणी एसडीएम को बताया कि टैंकर में तेल भरते समय नोजल में लीकेज हो रहा था। इसके लिए लीक हो रहे स्थान के नीचे एक बाल्टी रखी गई थी। यह बाल्टी हटाते समय अज्ञात कारणों से एक चिनगारी उछली और आग भभक उठी। पास में खड़े दूसरे टैंकर में भी आग लग गई। एक साथ दो टैंकरों में आग लगना यहां के सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा रहा है।

एचडी डिपो में खड़े टैंकर में आग भभकने के बारे में भास्कर टीम ने इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों से बात की तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आई। इनका कहना है कि किसी भी ईंधन वाले टैंकर को अर्थिग से जोड़ना आवश्यक है। उस टैंकर के मेन इग्निशन की चाबी भी ऑफ होनी चाहिए। इग्निशन ऑन होने की सूरत में भी बैटरी से चिनगारी या करंट निकल सकता है और उड़ते पेट्रोल की भाप आग लगने का कारण बन सकती है।

एचपी डिपो के आसपास आईओसी व बीपीसी के तेल डिपो भी हैं। इन तीनों डिपो में औसतन एक लाख लीटर से अधिक ईंधन हर वक्त स्टॉक में रहता है। इसमें आईओसी डिपो में 40 हजार, बीपीसी व एचपी में 30-30 हजार लीटर ईंधन रहता है।

Jodhpur. Ssalavasa Hindustan Petroleum oil depot located in the nearly quarter past four o'clock Saturday evening when filling two petrol tankers on fire. According to sources in both petrol tankers had been filled and the leakage from their valves was on fire. Thankfully that was in time but the fire was brought under control, otherwise become a big accident. Where the fire started, around the oil depot IOC and BPC's.

Fire officers said Harish Thanavi Ssalavasa oil depot fire reported on the HP Basnee, Shastri Nagar, Nagori Gate, and civil defense was flagged off the trains. Basnee reached the spot of the depot staff Damkaloan quelled the fire. According to information in both petrol tanker had already been filled and these valves had leakage. It drops of petrol Opakti suddenly caught fire. Where and how to spark it arose, it has been trying to find the cause. On the other hand pick up the phone company officials soon after the incident closed.

Child - Child survivors frightening accident

Ssalavasa the Hindustan Petroleum Depot at four in the Saturday evening so did not take a fire extinguisher, but the incident has blown the city's sleep. Even after knowing that a small spark could endanger thousands of lives, petroleum companies are not taking the name of fly sleep officials. Even the officials to escape responsibility for this incident to my phone shut.

Basnee Fire Center reported incident found the evening at 4:05 pm. Immediately four Damkalean and Looni police reached the spot. Began to hide their failures and depot management Damkaloan has allowed police inside the great difficulty and struggle to extinguish the fire are at their level. On receiving information of depots fire Looni SDM Anwar Ali also arrived and took stock of the situation.

On the other hand, India team manager, HP BL Meena Territory Office Depot tried to talk on the phone number they did not exist there. He had to switch off mobile too. Other officers were attempting to contact, but everyone got them off. District Logistics Officer giving details of the tragedy Bhaskar VP Singh made aware of the reality, he tried to talk to officials of HPCL, but they also failed in it.

Management unaware of security hole

After the horrific fire in Jaipur Sitapura Times in its November 5, 2009 issue explores various aspects relating to safety after the area around the city population was associated with exposing the reality of the oil depot. Also located in the industrial gas plant Basnee also warned about security. Nevertheless, local administration officials and oil companies are open not sleep.

Example, on Saturday got to see it first. Company officials told SDM Looni nozzle when filling the oil tanker in the leakages was happening. Were leaked to the location was kept a bucket below. The bucket deleting unknown reasons and fire a spark fire broke resurfaced. Standing nearby also caught fire in the second tanker. Together with two tankers ignite is putting a question mark over the security arrangements.

Ignition is off

HD depot fire in the tanker stand Hhkane Bhaskar team of experts from the region spoke so many surprises came before They say that any fuel from the tanker must add Arthig. Ignition of the main keys of the tanker should be. On ignition in case of a spark or current from the battery can rise and fly gasoline vapor can cause fire.

One million liters of fuel remains at all times

HP IOC and BPC's oil depots around the depot, too. More than a million liters on average in the three fuel depots in stock is all the time. The IOC depot 40 thousand, 30-30 thousand liters of fuel remains in the BPC and HP.

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