जोधपुर. लंबे इंतजार के बाद पिछले दो दिनों से इंद्रदेव मारवाड़ पर मेहरबान हैं। शनिवार शाम शुरू हुई बारिश का दौर रविवार सुबह 10 बजे तक जारी रहा। बारिश होने से लोग मौसम का आनंद उठाने पिकनिक स्पॉट की तरफ निकल पड़े हैं। मौसम विभाग के अनुसार सुबह 8.30 बजे तक जोधपुर में 41.6 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
बीती रात रुक-रुक कर बारिश आने का सिलसिला रविवार सुबह तक जारी रहा। सुबह 10 बजे तेज बारिश होने के बाद लोग छुट्टी के दिन मौसम का आनंद उठाने के लिए मंडोर, उम्मेद उद्यान, अशोक उद्यान, कायलाना, नेहरु पार्क आदि पिकनिक स्थलों की तरफ निकल पड़े हैं।
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Monday, July 26, 2010
महिला कांस्टेबल ने जहर खाया
जोधपुर. राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रही एक युवती ने शुक्रवार रात विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकशी का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे एमजीएच अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां आईसीयू में उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
आरपीटीसी कमांडेंट सवाईसिंह गोदारा ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में इन दिनों हाडी रानी बटालियन की 480 महिला प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से अलवर निवासी आत्माराम की अविवाहित पुत्री मुकेश कुमारी (19) ने शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे उल्टियां होने की शिकायत की। अन्य प्रशिक्षणार्थियों ने वार्डन को इसकी सूचना दी और उसे तत्काल एमजीएच भेजा। उसे आईसीयू में भर्ती किया।
आरपीटीसी अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना दी। अभी तक उसके बयान नहीं हो पाए हैं। इस बीच अधिकारियों की सूचना पर युवती के परिजन भी जोधपुर पहुंच गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संभवत: विषाक्त पदार्थ खाने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। उसके मोबाइल पर एक युवक का फोन भी आया था। पुलिस ने इस प्रकरण को प्रेम-प्रसंग की परिणति होने की संभावना जताई है।
आरपीटीसी कमांडेंट सवाईसिंह गोदारा ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में इन दिनों हाडी रानी बटालियन की 480 महिला प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से अलवर निवासी आत्माराम की अविवाहित पुत्री मुकेश कुमारी (19) ने शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे उल्टियां होने की शिकायत की। अन्य प्रशिक्षणार्थियों ने वार्डन को इसकी सूचना दी और उसे तत्काल एमजीएच भेजा। उसे आईसीयू में भर्ती किया।
आरपीटीसी अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना दी। अभी तक उसके बयान नहीं हो पाए हैं। इस बीच अधिकारियों की सूचना पर युवती के परिजन भी जोधपुर पहुंच गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संभवत: विषाक्त पदार्थ खाने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। उसके मोबाइल पर एक युवक का फोन भी आया था। पुलिस ने इस प्रकरण को प्रेम-प्रसंग की परिणति होने की संभावना जताई है।
Sunday, July 25, 2010
एक बारिश से ही बेहाल हुआ शहर, दो दर्जन इलाकों में भरा पानी
जोधपुर. खूब इंतजार करवाने के बाद शनिवार को फिर इंद्रदेव ने सूर्यनगरी को पानी से सराबोर कर दिया। करीब दो घंटे तक एक सी गति से बादलों ने 31.5 मिलीमीटर पानी बरसाया। इसके बाद भी बारिश का दौर रिमझिम करके देर रात तक चलता रहा।
लगातार दूसरे दिन भी बादलों ने जो राहत बरसाई उससे शहर में कई तरह की परेशानियां भी खड़ी हो गई। प्रशासन की ओर से बारिश पूर्व की गई आपदा प्रबंधन की तैयारियों की पोल खुल गई। मूसलाधार बारिश के दौरान करीब दो दर्जन इलाकों में पानी भर गया। देर रात तक पानी नहीं उतरा। कुछ स्थानों पर पानी में फंसे वाहन निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ गई। बारिश के कारण कई इलाकों में दीवारें ढह गई। सांगरिया के समीप स्थित सारणों की ढाणी में 11 केवी की लाइन टूट गई, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ।
आधा दर्जन स्थानों पर बिजली के पोल भरभरा कर गिर गए। शोभावतों की ढाणी इलाके में जमीन में गड्ढा हो गया जिससे लोग भयभीत हो गए। शहर के लगभग सभी बरसाती नाले व नहरें ओवर फ्लो हो गए और पानी आसपास की बस्तियों में घुस गया। शहर के बदहाल ड्रेनेज सिस्टम के कारण कई इलाके तालाब बन गए।
मूसलाधार बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी तेज बहाव से बहने लगा। कई प्रमुख सड़कों व चौराहों पर जाम लग गया। गुरों का तालाब क्षेत्र में आने वाला नाला बारिश में अवरुद्ध हो गया। यह पानी हुडको क्वाटर्स व आसपास की बस्ती में घुस गया। लोगों ने पानी निकासी के लिए दीवार ही तोड़ डाली। इसी तरह, आरपीटीसी के सामने भैरूसिंह हवेली के पचास घरों में भी पानी भर गया।
पाबूपुरा में पानी ही पानी, लोग भड़के
एयरपोर्ट के पास स्थित पाबूपुरा बस्ती में पानी की निकासी की राह न होने से घरों में चार-चार फीट तक पानी भर गया था। क्षेत्रीय पार्षद लक्ष्मण नायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पानी निकासी की 1000 फीट जगह पर दीवार बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। आक्रोशित लोगों ने वहां प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस व जेडीए तथा निगम के अधिकारी वहां पहुंचे। बाद में बुलडोजर से दीवार को तोड़कर पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाया गया।
लगातार दूसरे दिन भी बादलों ने जो राहत बरसाई उससे शहर में कई तरह की परेशानियां भी खड़ी हो गई। प्रशासन की ओर से बारिश पूर्व की गई आपदा प्रबंधन की तैयारियों की पोल खुल गई। मूसलाधार बारिश के दौरान करीब दो दर्जन इलाकों में पानी भर गया। देर रात तक पानी नहीं उतरा। कुछ स्थानों पर पानी में फंसे वाहन निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ गई। बारिश के कारण कई इलाकों में दीवारें ढह गई। सांगरिया के समीप स्थित सारणों की ढाणी में 11 केवी की लाइन टूट गई, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ।
आधा दर्जन स्थानों पर बिजली के पोल भरभरा कर गिर गए। शोभावतों की ढाणी इलाके में जमीन में गड्ढा हो गया जिससे लोग भयभीत हो गए। शहर के लगभग सभी बरसाती नाले व नहरें ओवर फ्लो हो गए और पानी आसपास की बस्तियों में घुस गया। शहर के बदहाल ड्रेनेज सिस्टम के कारण कई इलाके तालाब बन गए।
मूसलाधार बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी तेज बहाव से बहने लगा। कई प्रमुख सड़कों व चौराहों पर जाम लग गया। गुरों का तालाब क्षेत्र में आने वाला नाला बारिश में अवरुद्ध हो गया। यह पानी हुडको क्वाटर्स व आसपास की बस्ती में घुस गया। लोगों ने पानी निकासी के लिए दीवार ही तोड़ डाली। इसी तरह, आरपीटीसी के सामने भैरूसिंह हवेली के पचास घरों में भी पानी भर गया।
पाबूपुरा में पानी ही पानी, लोग भड़के
एयरपोर्ट के पास स्थित पाबूपुरा बस्ती में पानी की निकासी की राह न होने से घरों में चार-चार फीट तक पानी भर गया था। क्षेत्रीय पार्षद लक्ष्मण नायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पानी निकासी की 1000 फीट जगह पर दीवार बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। आक्रोशित लोगों ने वहां प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस व जेडीए तथा निगम के अधिकारी वहां पहुंचे। बाद में बुलडोजर से दीवार को तोड़कर पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाया गया।
18 हिरण बने कुत्तों का निवाला
6 ने दम तोड़ा 12 का उपचार जारी
जोधपुर। मारवाड़ में मेघ बरसने के साथ ही बाहुल्य क्षेत्रों में विचरण करने वाले हिरणों पर कुत्तों ने एक बार फिर कहर ढा दिया है। बीती शाम बारिश आने के बाद से जंतुआलय में शनिवार दोपहर तक उपचार के लिए 18 घायल हिरणों को लाया गया। इसमें से 6 ने मार्ग में ही दम तोड़ दिया जबकि 12 हिरणों का उपचार जारी है।
पशुचिकित्सक डॉ. श्रवण सिंह राठौड़ ने बताया कि बारिश आने से ग्रामीण क्षेत्रों में हिरणों के घायल होने की घटनाएं बढ़ जाती है। बारिश से मिट्टी नरम पडऩे की वजह से हिरण दौड़ नहीं पाते और कुत्तें इन पर हमला कर देते है।
23 हिरणों को सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा
पिछले दिनों घायल होकर रेस्क्यू सेंटर पहुंचे दर्जनों हिरणों में से 23 हिरणों को स्वस्थ होने के बाद शनिवार को बाहुल्य क्षेत्रों में छोड़ दिया गया। इसमें काला हिरण और चिंकारा दोनों शामिल है। वन्यजीव प्रभाग से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान पिछले दिनों काफी संख्या में कुत्तों से घायल हुए थे। जिनमें से 23 हिरणों के बिल्कुल स्वस्थ होने के बाद उन्हें गुड़ा-विश्नोइयां, रुड़कली क्षेत्रों में छोड़ दिया गया है। इनमें 3 काला हिरण और 20 चिंकारा है।
जोधपुर। मारवाड़ में मेघ बरसने के साथ ही बाहुल्य क्षेत्रों में विचरण करने वाले हिरणों पर कुत्तों ने एक बार फिर कहर ढा दिया है। बीती शाम बारिश आने के बाद से जंतुआलय में शनिवार दोपहर तक उपचार के लिए 18 घायल हिरणों को लाया गया। इसमें से 6 ने मार्ग में ही दम तोड़ दिया जबकि 12 हिरणों का उपचार जारी है।
पशुचिकित्सक डॉ. श्रवण सिंह राठौड़ ने बताया कि बारिश आने से ग्रामीण क्षेत्रों में हिरणों के घायल होने की घटनाएं बढ़ जाती है। बारिश से मिट्टी नरम पडऩे की वजह से हिरण दौड़ नहीं पाते और कुत्तें इन पर हमला कर देते है।
23 हिरणों को सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा
पिछले दिनों घायल होकर रेस्क्यू सेंटर पहुंचे दर्जनों हिरणों में से 23 हिरणों को स्वस्थ होने के बाद शनिवार को बाहुल्य क्षेत्रों में छोड़ दिया गया। इसमें काला हिरण और चिंकारा दोनों शामिल है। वन्यजीव प्रभाग से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान पिछले दिनों काफी संख्या में कुत्तों से घायल हुए थे। जिनमें से 23 हिरणों के बिल्कुल स्वस्थ होने के बाद उन्हें गुड़ा-विश्नोइयां, रुड़कली क्षेत्रों में छोड़ दिया गया है। इनमें 3 काला हिरण और 20 चिंकारा है।
जोधपुर में बनेगा सिविल एयरपोर्ट
जयपुर/जोधपुर. राज्य सरकार ने जोधपुर में ग्रीनफील्ड सिविल एयरपोर्ट बनाने की शुक्रवार को मंजूरी दे दी। नागौर रोड पर मेलावास गंगाणी में बनने वाले इस एयरपोर्ट के लिए अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।
जोधपुर में आईआईटी की स्थापना के लिए भी सिविल एयरपोर्ट की आवश्यकता महसूस की जा रहा थी। हालांकि यहां पहले से एयर फोर्स का हवाई अड्डा है। इसके भार को कम करने और हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए इसका प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे नगरीय विकास विभाग ने परीक्षण के बाद उपयुक्त माना। अब इसे केंद्र को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
कहां बनेगा : एयरपोर्ट नागौर रोड पर शहर से 28 किमी दूर स्टेट हाईवे से 3 किमी अंदर मेलावास और गंगाणी गांव के बीच बनाया जाएगा। जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए मेलावास थबूकड़ा में 2531.30 और गंगाणी में 2589.07 बीघा भूमि चिन्हित की है।
ये होगा फायदा :
पर्यटकों को विशेष सुविधा मिलेगी। निर्यातकों को कार्गों भेजने में आसानी रहेगी। उद्योग लगाने वालों को आसानी होगी। इस मार्ग पर आयुर्वेद-विधि विश्वविद्यालय है। एनआरआई कॉलोनी, आईआईटी संस्थान और अन्य विकास की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
जोधपुर में आईआईटी की स्थापना के लिए भी सिविल एयरपोर्ट की आवश्यकता महसूस की जा रहा थी। हालांकि यहां पहले से एयर फोर्स का हवाई अड्डा है। इसके भार को कम करने और हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए इसका प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे नगरीय विकास विभाग ने परीक्षण के बाद उपयुक्त माना। अब इसे केंद्र को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
कहां बनेगा : एयरपोर्ट नागौर रोड पर शहर से 28 किमी दूर स्टेट हाईवे से 3 किमी अंदर मेलावास और गंगाणी गांव के बीच बनाया जाएगा। जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए मेलावास थबूकड़ा में 2531.30 और गंगाणी में 2589.07 बीघा भूमि चिन्हित की है।
ये होगा फायदा :
पर्यटकों को विशेष सुविधा मिलेगी। निर्यातकों को कार्गों भेजने में आसानी रहेगी। उद्योग लगाने वालों को आसानी होगी। इस मार्ग पर आयुर्वेद-विधि विश्वविद्यालय है। एनआरआई कॉलोनी, आईआईटी संस्थान और अन्य विकास की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
Saturday, July 24, 2010
करंट लगने से सास-बहू की मौत
बरसात से मकान की छत पर बिजली की तार गिरने से दीवारों में करंट आ गया था
जोधपुर.बालोतरा। बालोतरा शहर के खेड़ गांव में शुक्रवार सुबह मकान की दीवार में करंट बहने से सास व बहू की मौत हो गई। घटना के अनुसार गुरुवार की रात आई बरसात से मकान की छत पर बिजली की तार गिर गई, जिससे कमरे की दीवारों से अर्थिंग शुरू हो गई।
सुबह करीब छह बजे सास ने जब कमरे की खूंटी पर लटक रही भरनी उतारने के लिए उसे छूआ, तो वह उससे चिपक गई। इतने में पास ही बकरियां दूह रही उसकी बहू सुंदरदेवी ने जब अपनी सास को जूझते हुए देखा, तो वह समझी कि उसे मिर्गी का दौरा पड़ा है और उसने उसको छू लिया, जिससे वह भी उससे चिपक गई। करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
जोधपुर.बालोतरा। बालोतरा शहर के खेड़ गांव में शुक्रवार सुबह मकान की दीवार में करंट बहने से सास व बहू की मौत हो गई। घटना के अनुसार गुरुवार की रात आई बरसात से मकान की छत पर बिजली की तार गिर गई, जिससे कमरे की दीवारों से अर्थिंग शुरू हो गई।
सुबह करीब छह बजे सास ने जब कमरे की खूंटी पर लटक रही भरनी उतारने के लिए उसे छूआ, तो वह उससे चिपक गई। इतने में पास ही बकरियां दूह रही उसकी बहू सुंदरदेवी ने जब अपनी सास को जूझते हुए देखा, तो वह समझी कि उसे मिर्गी का दौरा पड़ा है और उसने उसको छू लिया, जिससे वह भी उससे चिपक गई। करंट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
जोधपुर में बारिश बाड़मेर बारिश का पानी खेतों में घुसा
जोधपुर. जोधपुर में बादलों की आवाजाही के बीच शुक्रवार सुबह 11.30 बजे करीब बारिश हुई। बारिश शहर के कुछ क्षेत्रों में तेज हुई, तो कहीं बूंदाबांदी से संतोष करना पड़ा।
सूर्यनगरी में सुबह धूप निकलने के बाद एक बार तो उमस के साम्राज्य ने लोगों को पसीने से भीगो दिया। 11 बजे बादलों की आवाजाही शुरू होने के बाद हुई बारिश ने सड़कों को भिगो दिया। शहर की हाईकार्ट कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी चौराहा, भास्कर चौराहा, सेनापति भवन, गौरव पथ पर तेज बारिश ने लोगों को गर्मी से निजात दिलाई, जबकि शहर के भीतरी क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी रही, जिससे लोगों को सूरज की तपिश से राहत मिली।
बाड़मेर शहर से करीब तीस किलोमीटर दूर रानी गांव में गुरूवार रात दस बजे से शुरू हुई बरसात देर रात तक बरसती रही, जिससे बारिश का पानी रपट पर बहने के बाद सड़कों को तोड़कर पास ही के खेतों में जा घुसा।
इसके अलावा करीब चालीस ढाणियां पानी से भर गईं। मौके पर मौजूद संवाददाता के अनुसार पहाड़ी के पीछे बसे इस गांव में पानी से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। अलबत्ता गांव की सड़कें पानी से जरूर जगह-जगह से टूट गई हैं।
सूर्यनगरी में सुबह धूप निकलने के बाद एक बार तो उमस के साम्राज्य ने लोगों को पसीने से भीगो दिया। 11 बजे बादलों की आवाजाही शुरू होने के बाद हुई बारिश ने सड़कों को भिगो दिया। शहर की हाईकार्ट कॉलोनी, पीडब्ल्यूडी चौराहा, भास्कर चौराहा, सेनापति भवन, गौरव पथ पर तेज बारिश ने लोगों को गर्मी से निजात दिलाई, जबकि शहर के भीतरी क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी रही, जिससे लोगों को सूरज की तपिश से राहत मिली।
बाड़मेर शहर से करीब तीस किलोमीटर दूर रानी गांव में गुरूवार रात दस बजे से शुरू हुई बरसात देर रात तक बरसती रही, जिससे बारिश का पानी रपट पर बहने के बाद सड़कों को तोड़कर पास ही के खेतों में जा घुसा।
इसके अलावा करीब चालीस ढाणियां पानी से भर गईं। मौके पर मौजूद संवाददाता के अनुसार पहाड़ी के पीछे बसे इस गांव में पानी से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। अलबत्ता गांव की सड़कें पानी से जरूर जगह-जगह से टूट गई हैं।
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