जोधपुर. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश गणपतसिंह सिंघवी ने कहा कि रोटरी क्लब को जल चेतना आंदोलन शुरू करना चाहिए। पानी की जरूरत कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी। ऐसा न हो कि पानी के लिए तीसरा विश्व युद्ध हो। हर घर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होना चाहिए।
जस्टिस सिंघवी रविवार को रोटरी क्लब में शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि परोपकार की भावना से काम करना चाहिए। अहंकार रहित दान ही फलीभूत होता है। दान की सार्थकता तभी है जब पब्लिसिटी न की जाए। सत्य, अहिंसा व अपरिग्रह ही शांति का मूल है। चरित्र, गुण व कार्यशैली को इतना ऊंचा बनाएं कि संपूर्ण संसार आपका अनुसरण करे। पर्यावरण के प्रति चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इसके संरक्षण की जरूरत है क्योंकि प्रकृति कभी किसी को माफ नहीं करती। प्रकृति का शोषण करने की बजाय उसे मित्र समझें।
इन्होंने ली शपथ
पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर विनोद भाटिया ने छगनराज सुराणा को अध्यक्ष, सुरेंद्र बाफना को उपाध्यक्ष, मनोज मेहता को सचिव, घनश्याम अग्रवाल को सह सचिव, निरखचंद मेहता को कोषाध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। अनुराग मेहता, त्रिभुवनराज भंडारी, अशोक मेहता, सौरभ राठी, सुबोध मिन्नी, प्रो. सुशील भंडारी, सुशील कालानी को कार्यकारिणी सदस्य व निर्मल सिंघवी को सार्जेट एट आर्म की शपथ दिलाई गई। आरंभ में पूर्व अध्यक्ष प्रो. सुशील भंडारी ने अतिथियों का स्वागत किया। पूर्व सचिव अजीतराज मेहता ने गत वर्ष की गतिविधियां प्रस्तुत की।
गोल्ड मेडल दिए
समारोह में जस्टिस गणपतसिंह सिंघवी ने ई एंड टी टॉपर चारू गर्ग को डॉ. रेखा मेमोरियल, एमबीबीएस टॉपर दैन्य कुमार को पुरुषोत्तम हिसारिया, एमए हिंदी टॉपर पूजा जैन को डॉ. मोहनलाल जिज्ञासु गोल्ड मेडल प्रदान किए। रोटरी स्कूल को 11 हजार रुपए का चेक, सेवाधाम स्कूल को एक बच्चे की पढ़ाई के लिए विजय चौपड़ा की स्मृति में 8500 रुपए का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर सहायक प्रांतपाल राहुल सिंघवी, दिनेश मेहता आदि मौजूद थे।
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Monday, July 26, 2010
फुटपाथ से हटेंगे अतिक्रमण
जोधपुर. नगर निगम ने शहर की मुख्य सड़कों व फुटपाथ पर सामान सजाने वाले दुकानदारों को अंतिम हिदायत देते हुए फुटपाथ खाली रखने को कहा है। निगम का दस्ता सोमवार को ऐसे दुकानदारों से सामान हटाने का आग्रह करेगा और हिदायत के बावजूद सामान नहीं हटाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सामान जब्त करेगा। राजस्व व अतिक्रमण आयुक्त दलवीरसिंह ने बताया कि सोमवार से निगम यातायात में बाधक बने फुटपाथी अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू करेगा। इस दौरान सड़क सीमा में किया गया पक्का निर्माण भी हटाया जाएगा।
दुकानों की नीलामी आज
निगम सोमवार को आनंद सिनेमा के सामने नाले की दुकानों की नीलामी करेगा। दो दिन पहले नीलामी में किसी के हिस्सा नहीं लेने के बाद इसको अगली तिथि तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। इस नाले पर कुल 15 दुकानों के भूखंडों की नीलामी प्रस्तावित है। निगम ने सोमवार को पांच दुकानों के भूखंडों की नीलामी फिर से रखी है।
दुकानों की नीलामी आज
निगम सोमवार को आनंद सिनेमा के सामने नाले की दुकानों की नीलामी करेगा। दो दिन पहले नीलामी में किसी के हिस्सा नहीं लेने के बाद इसको अगली तिथि तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। इस नाले पर कुल 15 दुकानों के भूखंडों की नीलामी प्रस्तावित है। निगम ने सोमवार को पांच दुकानों के भूखंडों की नीलामी फिर से रखी है।
जोधपुर में 41.6 मिमी पानी बरसा
जोधपुर. लंबे इंतजार के बाद पिछले दो दिनों से इंद्रदेव मारवाड़ पर मेहरबान हैं। शनिवार शाम शुरू हुई बारिश का दौर रविवार सुबह 10 बजे तक जारी रहा। बारिश होने से लोग मौसम का आनंद उठाने पिकनिक स्पॉट की तरफ निकल पड़े हैं। मौसम विभाग के अनुसार सुबह 8.30 बजे तक जोधपुर में 41.6 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
बीती रात रुक-रुक कर बारिश आने का सिलसिला रविवार सुबह तक जारी रहा। सुबह 10 बजे तेज बारिश होने के बाद लोग छुट्टी के दिन मौसम का आनंद उठाने के लिए मंडोर, उम्मेद उद्यान, अशोक उद्यान, कायलाना, नेहरु पार्क आदि पिकनिक स्थलों की तरफ निकल पड़े हैं।
बीती रात रुक-रुक कर बारिश आने का सिलसिला रविवार सुबह तक जारी रहा। सुबह 10 बजे तेज बारिश होने के बाद लोग छुट्टी के दिन मौसम का आनंद उठाने के लिए मंडोर, उम्मेद उद्यान, अशोक उद्यान, कायलाना, नेहरु पार्क आदि पिकनिक स्थलों की तरफ निकल पड़े हैं।
महिला कांस्टेबल ने जहर खाया
जोधपुर. राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रही एक युवती ने शुक्रवार रात विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकशी का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे एमजीएच अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां आईसीयू में उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
आरपीटीसी कमांडेंट सवाईसिंह गोदारा ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में इन दिनों हाडी रानी बटालियन की 480 महिला प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से अलवर निवासी आत्माराम की अविवाहित पुत्री मुकेश कुमारी (19) ने शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे उल्टियां होने की शिकायत की। अन्य प्रशिक्षणार्थियों ने वार्डन को इसकी सूचना दी और उसे तत्काल एमजीएच भेजा। उसे आईसीयू में भर्ती किया।
आरपीटीसी अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना दी। अभी तक उसके बयान नहीं हो पाए हैं। इस बीच अधिकारियों की सूचना पर युवती के परिजन भी जोधपुर पहुंच गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संभवत: विषाक्त पदार्थ खाने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। उसके मोबाइल पर एक युवक का फोन भी आया था। पुलिस ने इस प्रकरण को प्रेम-प्रसंग की परिणति होने की संभावना जताई है।
आरपीटीसी कमांडेंट सवाईसिंह गोदारा ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में इन दिनों हाडी रानी बटालियन की 480 महिला प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से अलवर निवासी आत्माराम की अविवाहित पुत्री मुकेश कुमारी (19) ने शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे उल्टियां होने की शिकायत की। अन्य प्रशिक्षणार्थियों ने वार्डन को इसकी सूचना दी और उसे तत्काल एमजीएच भेजा। उसे आईसीयू में भर्ती किया।
आरपीटीसी अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना दी। अभी तक उसके बयान नहीं हो पाए हैं। इस बीच अधिकारियों की सूचना पर युवती के परिजन भी जोधपुर पहुंच गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संभवत: विषाक्त पदार्थ खाने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। उसके मोबाइल पर एक युवक का फोन भी आया था। पुलिस ने इस प्रकरण को प्रेम-प्रसंग की परिणति होने की संभावना जताई है।
Sunday, July 25, 2010
एक बारिश से ही बेहाल हुआ शहर, दो दर्जन इलाकों में भरा पानी
जोधपुर. खूब इंतजार करवाने के बाद शनिवार को फिर इंद्रदेव ने सूर्यनगरी को पानी से सराबोर कर दिया। करीब दो घंटे तक एक सी गति से बादलों ने 31.5 मिलीमीटर पानी बरसाया। इसके बाद भी बारिश का दौर रिमझिम करके देर रात तक चलता रहा।
लगातार दूसरे दिन भी बादलों ने जो राहत बरसाई उससे शहर में कई तरह की परेशानियां भी खड़ी हो गई। प्रशासन की ओर से बारिश पूर्व की गई आपदा प्रबंधन की तैयारियों की पोल खुल गई। मूसलाधार बारिश के दौरान करीब दो दर्जन इलाकों में पानी भर गया। देर रात तक पानी नहीं उतरा। कुछ स्थानों पर पानी में फंसे वाहन निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ गई। बारिश के कारण कई इलाकों में दीवारें ढह गई। सांगरिया के समीप स्थित सारणों की ढाणी में 11 केवी की लाइन टूट गई, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ।
आधा दर्जन स्थानों पर बिजली के पोल भरभरा कर गिर गए। शोभावतों की ढाणी इलाके में जमीन में गड्ढा हो गया जिससे लोग भयभीत हो गए। शहर के लगभग सभी बरसाती नाले व नहरें ओवर फ्लो हो गए और पानी आसपास की बस्तियों में घुस गया। शहर के बदहाल ड्रेनेज सिस्टम के कारण कई इलाके तालाब बन गए।
मूसलाधार बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी तेज बहाव से बहने लगा। कई प्रमुख सड़कों व चौराहों पर जाम लग गया। गुरों का तालाब क्षेत्र में आने वाला नाला बारिश में अवरुद्ध हो गया। यह पानी हुडको क्वाटर्स व आसपास की बस्ती में घुस गया। लोगों ने पानी निकासी के लिए दीवार ही तोड़ डाली। इसी तरह, आरपीटीसी के सामने भैरूसिंह हवेली के पचास घरों में भी पानी भर गया।
पाबूपुरा में पानी ही पानी, लोग भड़के
एयरपोर्ट के पास स्थित पाबूपुरा बस्ती में पानी की निकासी की राह न होने से घरों में चार-चार फीट तक पानी भर गया था। क्षेत्रीय पार्षद लक्ष्मण नायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पानी निकासी की 1000 फीट जगह पर दीवार बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। आक्रोशित लोगों ने वहां प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस व जेडीए तथा निगम के अधिकारी वहां पहुंचे। बाद में बुलडोजर से दीवार को तोड़कर पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाया गया।
लगातार दूसरे दिन भी बादलों ने जो राहत बरसाई उससे शहर में कई तरह की परेशानियां भी खड़ी हो गई। प्रशासन की ओर से बारिश पूर्व की गई आपदा प्रबंधन की तैयारियों की पोल खुल गई। मूसलाधार बारिश के दौरान करीब दो दर्जन इलाकों में पानी भर गया। देर रात तक पानी नहीं उतरा। कुछ स्थानों पर पानी में फंसे वाहन निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ गई। बारिश के कारण कई इलाकों में दीवारें ढह गई। सांगरिया के समीप स्थित सारणों की ढाणी में 11 केवी की लाइन टूट गई, लेकिन कोई हादसा नहीं हुआ।
आधा दर्जन स्थानों पर बिजली के पोल भरभरा कर गिर गए। शोभावतों की ढाणी इलाके में जमीन में गड्ढा हो गया जिससे लोग भयभीत हो गए। शहर के लगभग सभी बरसाती नाले व नहरें ओवर फ्लो हो गए और पानी आसपास की बस्तियों में घुस गया। शहर के बदहाल ड्रेनेज सिस्टम के कारण कई इलाके तालाब बन गए।
मूसलाधार बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर पानी तेज बहाव से बहने लगा। कई प्रमुख सड़कों व चौराहों पर जाम लग गया। गुरों का तालाब क्षेत्र में आने वाला नाला बारिश में अवरुद्ध हो गया। यह पानी हुडको क्वाटर्स व आसपास की बस्ती में घुस गया। लोगों ने पानी निकासी के लिए दीवार ही तोड़ डाली। इसी तरह, आरपीटीसी के सामने भैरूसिंह हवेली के पचास घरों में भी पानी भर गया।
पाबूपुरा में पानी ही पानी, लोग भड़के
एयरपोर्ट के पास स्थित पाबूपुरा बस्ती में पानी की निकासी की राह न होने से घरों में चार-चार फीट तक पानी भर गया था। क्षेत्रीय पार्षद लक्ष्मण नायक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पानी निकासी की 1000 फीट जगह पर दीवार बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। आक्रोशित लोगों ने वहां प्रदर्शन किया। इस पर पुलिस व जेडीए तथा निगम के अधिकारी वहां पहुंचे। बाद में बुलडोजर से दीवार को तोड़कर पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाया गया।
18 हिरण बने कुत्तों का निवाला
6 ने दम तोड़ा 12 का उपचार जारी
जोधपुर। मारवाड़ में मेघ बरसने के साथ ही बाहुल्य क्षेत्रों में विचरण करने वाले हिरणों पर कुत्तों ने एक बार फिर कहर ढा दिया है। बीती शाम बारिश आने के बाद से जंतुआलय में शनिवार दोपहर तक उपचार के लिए 18 घायल हिरणों को लाया गया। इसमें से 6 ने मार्ग में ही दम तोड़ दिया जबकि 12 हिरणों का उपचार जारी है।
पशुचिकित्सक डॉ. श्रवण सिंह राठौड़ ने बताया कि बारिश आने से ग्रामीण क्षेत्रों में हिरणों के घायल होने की घटनाएं बढ़ जाती है। बारिश से मिट्टी नरम पडऩे की वजह से हिरण दौड़ नहीं पाते और कुत्तें इन पर हमला कर देते है।
23 हिरणों को सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा
पिछले दिनों घायल होकर रेस्क्यू सेंटर पहुंचे दर्जनों हिरणों में से 23 हिरणों को स्वस्थ होने के बाद शनिवार को बाहुल्य क्षेत्रों में छोड़ दिया गया। इसमें काला हिरण और चिंकारा दोनों शामिल है। वन्यजीव प्रभाग से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान पिछले दिनों काफी संख्या में कुत्तों से घायल हुए थे। जिनमें से 23 हिरणों के बिल्कुल स्वस्थ होने के बाद उन्हें गुड़ा-विश्नोइयां, रुड़कली क्षेत्रों में छोड़ दिया गया है। इनमें 3 काला हिरण और 20 चिंकारा है।
जोधपुर। मारवाड़ में मेघ बरसने के साथ ही बाहुल्य क्षेत्रों में विचरण करने वाले हिरणों पर कुत्तों ने एक बार फिर कहर ढा दिया है। बीती शाम बारिश आने के बाद से जंतुआलय में शनिवार दोपहर तक उपचार के लिए 18 घायल हिरणों को लाया गया। इसमें से 6 ने मार्ग में ही दम तोड़ दिया जबकि 12 हिरणों का उपचार जारी है।
पशुचिकित्सक डॉ. श्रवण सिंह राठौड़ ने बताया कि बारिश आने से ग्रामीण क्षेत्रों में हिरणों के घायल होने की घटनाएं बढ़ जाती है। बारिश से मिट्टी नरम पडऩे की वजह से हिरण दौड़ नहीं पाते और कुत्तें इन पर हमला कर देते है।
23 हिरणों को सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ा
पिछले दिनों घायल होकर रेस्क्यू सेंटर पहुंचे दर्जनों हिरणों में से 23 हिरणों को स्वस्थ होने के बाद शनिवार को बाहुल्य क्षेत्रों में छोड़ दिया गया। इसमें काला हिरण और चिंकारा दोनों शामिल है। वन्यजीव प्रभाग से मिली जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान पिछले दिनों काफी संख्या में कुत्तों से घायल हुए थे। जिनमें से 23 हिरणों के बिल्कुल स्वस्थ होने के बाद उन्हें गुड़ा-विश्नोइयां, रुड़कली क्षेत्रों में छोड़ दिया गया है। इनमें 3 काला हिरण और 20 चिंकारा है।
जोधपुर में बनेगा सिविल एयरपोर्ट
जयपुर/जोधपुर. राज्य सरकार ने जोधपुर में ग्रीनफील्ड सिविल एयरपोर्ट बनाने की शुक्रवार को मंजूरी दे दी। नागौर रोड पर मेलावास गंगाणी में बनने वाले इस एयरपोर्ट के लिए अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।
जोधपुर में आईआईटी की स्थापना के लिए भी सिविल एयरपोर्ट की आवश्यकता महसूस की जा रहा थी। हालांकि यहां पहले से एयर फोर्स का हवाई अड्डा है। इसके भार को कम करने और हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए इसका प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे नगरीय विकास विभाग ने परीक्षण के बाद उपयुक्त माना। अब इसे केंद्र को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
कहां बनेगा : एयरपोर्ट नागौर रोड पर शहर से 28 किमी दूर स्टेट हाईवे से 3 किमी अंदर मेलावास और गंगाणी गांव के बीच बनाया जाएगा। जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए मेलावास थबूकड़ा में 2531.30 और गंगाणी में 2589.07 बीघा भूमि चिन्हित की है।
ये होगा फायदा :
पर्यटकों को विशेष सुविधा मिलेगी। निर्यातकों को कार्गों भेजने में आसानी रहेगी। उद्योग लगाने वालों को आसानी होगी। इस मार्ग पर आयुर्वेद-विधि विश्वविद्यालय है। एनआरआई कॉलोनी, आईआईटी संस्थान और अन्य विकास की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
जोधपुर में आईआईटी की स्थापना के लिए भी सिविल एयरपोर्ट की आवश्यकता महसूस की जा रहा थी। हालांकि यहां पहले से एयर फोर्स का हवाई अड्डा है। इसके भार को कम करने और हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए इसका प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे नगरीय विकास विभाग ने परीक्षण के बाद उपयुक्त माना। अब इसे केंद्र को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
कहां बनेगा : एयरपोर्ट नागौर रोड पर शहर से 28 किमी दूर स्टेट हाईवे से 3 किमी अंदर मेलावास और गंगाणी गांव के बीच बनाया जाएगा। जोधपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए मेलावास थबूकड़ा में 2531.30 और गंगाणी में 2589.07 बीघा भूमि चिन्हित की है।
ये होगा फायदा :
पर्यटकों को विशेष सुविधा मिलेगी। निर्यातकों को कार्गों भेजने में आसानी रहेगी। उद्योग लगाने वालों को आसानी होगी। इस मार्ग पर आयुर्वेद-विधि विश्वविद्यालय है। एनआरआई कॉलोनी, आईआईटी संस्थान और अन्य विकास की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
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