जोधपुर. राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास ने मूर्ति तस्कर वामन नारायण घीया को जमानत पर छोड़ने से इनकार कर दिया। न्यायाधीश ने यह आदेश अभियुक्त की ओर से न्यायालय में दायर प्रार्थना पत्र की सुनवाई में जारी किए।
अभियुक्त की ओर से उसके अधिवक्ता ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र पेश कर तर्क दिया कि वर्ष 1997 में उसके विरुद्ध दायर मुकदमे में लंबे समय से सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए अभियुक्त को जमानत का लाभ दिया जाए। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक अनिल जोशी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त पर देश की दुर्लभ व दार्शनिक मूर्तियों की तस्करी का गंभीर आरोप है।
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Tuesday, July 27, 2010
गंगलाव के 90 मकानों की नींव पानी में
जोधपुर. जिला प्रशासन व नगर निगम अतिवृष्टि जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के भले ही लाख दावे करें, लेकिन हालात इसके उलट है। पारंपरिक जलस्रोत गंगलाव तालाब के दायरे में आबाद 5 सौ से ज्यादा लोग खतरे की जद में हैं। इस तालाब में बने अधिकांश मकान जर्जर हो चुके हैं।
फिर भी इनमें लोग रह रहे हैं। भास्कर ने मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को गंगलाव तालाब की हकीकत जानी तो ऐसे ही हालात दिखे। करीब 9क् मकानों की नींव पानी में डूबी रहने से कमजोर हो चुकी है। कुछ मकानों में सीलन पहली मंजिल तक पहुंच गई है। प्रशासन और यहां रहने वालों ने समय रहते कोई सही फैसला नहीं किया तो ये घर किसी दिन तालाब में डूब सकते हैं।
तालाब में बने जर्जर मकानों के बारे में सख्त कदम नहीं उठाया गया तो ये मकान हादसों की वजह बन सकते हैं। दो साल पहले गंगलाव तालाब में बने जर्जर मकान ध्वस्त होने से मलबे में तीन लोग जिंदा दफन हो गए थे। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया, लेकिन फिर इन पर समय की धूल छा गई। हाईकोर्ट के आदेश की पालना में नगर निगम ने दो साल पहले तालाब के किनारे बने आधा दर्जन निर्माण पर बुलडोजर चलाया था, लेकिन लोग अब भी बेखौफ निर्माण कर रहे हैं।
रोक के बावजूद बना दिए पट्टे
राज्य सरकार की घोषणा के बाद 8-9 लोगों ने निगम कार्मिकों की मिलीभगत से गुपचुप पट्टे जारी करवा लिए, लेकिन 70-80 कब्जों के नियमन का अटका हुआ है। ये अवैध मकान तालाब की दलदली जमीन पर बने हैं, जो एक मूसलाधार बारिश में मलबा बन सकते हैं। निगम ने चार वर्ष पूर्व सर्वे कर कुछ अवैध निर्माण तोड़े थे, मगर बाद में चुप्पी साध ली थी। निगम प्रशासन ने सिंचाई विभाग से इसका मूल पट्टा निकलवाने की कोशिश की, लेकिन यह काम भी अंजाम तक नहीं पहुंचा।
चुपचाप निर्माण करवा लेते हैं लोग
प्रशासन शहरों के अभियान में कुछ लोगों ने गुपचुप नियमन करवा लिया था, लेकिन बाकी का नियमन रोक दिया गया। अवैध निर्माण रोकने के लिए कई बार अतिक्रमण निरोधक दस्ता मौके पर भेजा जाता है, लेकिन लोग गुपचुप निर्माण पूरा कर लेते हैं। कैचमेंट इलाके में बनाए कुछ निर्माण हटाए भी गए, लेकिन ऐसे निर्माण हटाने पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का अंदेशा भी रहता है। - ताराचंद गोसाई, सूरसागर आयुक्त
फिर भी इनमें लोग रह रहे हैं। भास्कर ने मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को गंगलाव तालाब की हकीकत जानी तो ऐसे ही हालात दिखे। करीब 9क् मकानों की नींव पानी में डूबी रहने से कमजोर हो चुकी है। कुछ मकानों में सीलन पहली मंजिल तक पहुंच गई है। प्रशासन और यहां रहने वालों ने समय रहते कोई सही फैसला नहीं किया तो ये घर किसी दिन तालाब में डूब सकते हैं।
तालाब में बने जर्जर मकानों के बारे में सख्त कदम नहीं उठाया गया तो ये मकान हादसों की वजह बन सकते हैं। दो साल पहले गंगलाव तालाब में बने जर्जर मकान ध्वस्त होने से मलबे में तीन लोग जिंदा दफन हो गए थे। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया, लेकिन फिर इन पर समय की धूल छा गई। हाईकोर्ट के आदेश की पालना में नगर निगम ने दो साल पहले तालाब के किनारे बने आधा दर्जन निर्माण पर बुलडोजर चलाया था, लेकिन लोग अब भी बेखौफ निर्माण कर रहे हैं।
रोक के बावजूद बना दिए पट्टे
राज्य सरकार की घोषणा के बाद 8-9 लोगों ने निगम कार्मिकों की मिलीभगत से गुपचुप पट्टे जारी करवा लिए, लेकिन 70-80 कब्जों के नियमन का अटका हुआ है। ये अवैध मकान तालाब की दलदली जमीन पर बने हैं, जो एक मूसलाधार बारिश में मलबा बन सकते हैं। निगम ने चार वर्ष पूर्व सर्वे कर कुछ अवैध निर्माण तोड़े थे, मगर बाद में चुप्पी साध ली थी। निगम प्रशासन ने सिंचाई विभाग से इसका मूल पट्टा निकलवाने की कोशिश की, लेकिन यह काम भी अंजाम तक नहीं पहुंचा।
चुपचाप निर्माण करवा लेते हैं लोग
प्रशासन शहरों के अभियान में कुछ लोगों ने गुपचुप नियमन करवा लिया था, लेकिन बाकी का नियमन रोक दिया गया। अवैध निर्माण रोकने के लिए कई बार अतिक्रमण निरोधक दस्ता मौके पर भेजा जाता है, लेकिन लोग गुपचुप निर्माण पूरा कर लेते हैं। कैचमेंट इलाके में बनाए कुछ निर्माण हटाए भी गए, लेकिन ऐसे निर्माण हटाने पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का अंदेशा भी रहता है। - ताराचंद गोसाई, सूरसागर आयुक्त
भारत-पाक सीमा पर बाढ़ की आशंका
घग्घर नदी का पानी बार्डर पर पहुंचा
जोधपुर। भारी बरसात होने और पंजाब से पानी की आवक जारी रहने पर अनूपगढ़ स्थित पाकिस्तान से सटी सीमा पर बाढ़ आने की आशंका बन आई है। बीएसएफ ने सतर्कता बरतते हुए जवानों को अलर्ट कर दिया है।
बीएसएफ राजस्थान सीमांत के डीआईजी आर सी ध्यानी ने बताया कि अनूपगढ़ इलाके में चार सीमा चौकियां ढलान पर हैं, जिसके कारण घग्घर नदी का पानी तेजी से बार्डर की तरफ बढ़ रहा है। वहां जिप्सम के भंडार होने की वजह से पानी एकत्रित हो गया है। सर्तकता बरतते हुए जोधपुर मुख्यायल से नाव और बाढ़ बचाव टीम को अनूपगढ़ भेज दिया गया है। साथ ही जवानों को भी अलर्ट कर दिया गया है और इस तरह व्यवस्था की जा रही है बाढ़ आने की स्थिति में सीमा की चौकसी प्रभावित नहीं हो। गौरतलब है कि चार साल पहले बाड़मेर में बाढ़ की वजह से सीमा चौकियों और तारबंदी को भारी नुकसान पहुंचा था।
जोधपुर। भारी बरसात होने और पंजाब से पानी की आवक जारी रहने पर अनूपगढ़ स्थित पाकिस्तान से सटी सीमा पर बाढ़ आने की आशंका बन आई है। बीएसएफ ने सतर्कता बरतते हुए जवानों को अलर्ट कर दिया है।
बीएसएफ राजस्थान सीमांत के डीआईजी आर सी ध्यानी ने बताया कि अनूपगढ़ इलाके में चार सीमा चौकियां ढलान पर हैं, जिसके कारण घग्घर नदी का पानी तेजी से बार्डर की तरफ बढ़ रहा है। वहां जिप्सम के भंडार होने की वजह से पानी एकत्रित हो गया है। सर्तकता बरतते हुए जोधपुर मुख्यायल से नाव और बाढ़ बचाव टीम को अनूपगढ़ भेज दिया गया है। साथ ही जवानों को भी अलर्ट कर दिया गया है और इस तरह व्यवस्था की जा रही है बाढ़ आने की स्थिति में सीमा की चौकसी प्रभावित नहीं हो। गौरतलब है कि चार साल पहले बाड़मेर में बाढ़ की वजह से सीमा चौकियों और तारबंदी को भारी नुकसान पहुंचा था।
Monday, July 26, 2010
सूर्यनगरी पर मेहरबान रहा मानसून
जोधपुर. मारवाड़ में रविवार को लगातार तीसरे दिन भी मानसून मेहरबान रहा। जोधपुर में दिनभर चली फुहारों के बाद शाम को करीब पौन घंटे तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हुई। शाम साढ़े आठ बजे तक करीब 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
शाम करीब साढ़े पांच बजे काली घटाएं आकाश पर छा गई और बड़ी-बड़ी बूंदें गिरने लगीं। थोड़ी ही देर में मूसलाधार बारिश होने लगी। यह क्रम करीब सात बजे तक चला। शहर में अनेक स्थानों पर पानी भर गया। शनिवार को जोरदार बारिश से कई बस्तियों में भरा पानी रविवार को भी पूरी तरह नहीं निकाला जा सका। बाड़मेर में भी शनिवार को हुई बारिश के बाद जिन गांवों में पानी भरा था, वहां रविवार को हालात सामान्य हो गए। इधर, भारी बारिश की चेतावनी के चलते अधिकारियों को अलर्ट किया गया है।
सूर्यनगरी में रविवार को तीसरे दिन भी ‘मेहबाबा’ मेहरबान रहे। बारिश से मौसम सुहाना हो गया। शहर में रात 8.30 बजे तक करीब 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। शाम को करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर बारिश हुई। बारिश से पांच नाले उफान पर रहे, जबकि आठ बस्तियों में पानी भर गया। खतरनाक पुलिया पर पानी भर गया,इससे यातायात बाधित हुआ।
उधर, बारिश की वजह से पर्यटन स्थलों पर सुबह से शाम तक रौनक रही। शाम तक शहर के प्रमुख पिकनिक स्थल कायलाना झील, मंडोर उद्यान, उम्मेद उद्यान, नेहरू पार्क, अशोक उद्यान, भूतनाथ में लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। कदमकंडी और अरना-झरना में भी पिकनिक मनाने वालों की भीड़ थी। कायलाना झील पर लोगों ने बोटिंग का मजा उठाया।
सुबह लोग अपने परिवार व मित्रों को लेकर मंडोर व गुरों का तालाब पहुंचे, लेकिन लोगों ने पहले ही अपना डेरा जमा रखा था। कुछ लोगों ने मंडोर की छतरियों व आसपास के इलाके में ही ‘गोठ’ का आनंद उठाया। कुछ लोग तो कायलाना, मंडोर व भोगिशैल की पहाड़ियों में ही पत्थर के अस्थाई चूल्हे बनाकर खाना पकाया।
चेहरे खिले, जमाने की उम्मीद जागी
मानसून की अच्छी वर्षा से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसान बीज खरीद कर बुवाई में जुट गए हैं। बुजुर्ग किसानों का कहना है कि इस बार अच्छे जमाने की पूरी उम्मीद बनी है। जिले में मानसून की लगातार वर्षा से दलहन की खेती के साथ ही चारा-पानी की उपलब्धता होने की खुशी किसानों के चेहरों पर स्पष्ट दिखाई दे रही है। जिन किसानों ने अब तक किसी कारण बुवाई नहीं की थी, वे भी रविवार को बीज-खाद की दुकानों पर खरीदारी करते दिखाई दिए।
किसानों ने बताया कि दो-दिन से हो रही लगातार वर्षा से दलहन की खेती के साथ ही पशुधन के लिए चारा तथा पीने के पानी की व्यवस्था हो गई है। सरकारी बीज की दुकान नेशनल सीड्स कारपोरेशन के संभागीय व्यवस्थापक राजेंद्रसिंह के अनुसार किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन बीज से 60 से 80 दिन में दलहनी फसल तैयार होगी। किसानों को अनुदानित दर पर मोठ का आरएमओ-40, मूंग का 851 किस्म का बीज, ग्वार का आरजीसी-1002 तथा तिल्ली का जी-1 बीज कारपोरेशन व सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।
शाम करीब साढ़े पांच बजे काली घटाएं आकाश पर छा गई और बड़ी-बड़ी बूंदें गिरने लगीं। थोड़ी ही देर में मूसलाधार बारिश होने लगी। यह क्रम करीब सात बजे तक चला। शहर में अनेक स्थानों पर पानी भर गया। शनिवार को जोरदार बारिश से कई बस्तियों में भरा पानी रविवार को भी पूरी तरह नहीं निकाला जा सका। बाड़मेर में भी शनिवार को हुई बारिश के बाद जिन गांवों में पानी भरा था, वहां रविवार को हालात सामान्य हो गए। इधर, भारी बारिश की चेतावनी के चलते अधिकारियों को अलर्ट किया गया है।
सूर्यनगरी में रविवार को तीसरे दिन भी ‘मेहबाबा’ मेहरबान रहे। बारिश से मौसम सुहाना हो गया। शहर में रात 8.30 बजे तक करीब 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। शाम को करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर बारिश हुई। बारिश से पांच नाले उफान पर रहे, जबकि आठ बस्तियों में पानी भर गया। खतरनाक पुलिया पर पानी भर गया,इससे यातायात बाधित हुआ।
उधर, बारिश की वजह से पर्यटन स्थलों पर सुबह से शाम तक रौनक रही। शाम तक शहर के प्रमुख पिकनिक स्थल कायलाना झील, मंडोर उद्यान, उम्मेद उद्यान, नेहरू पार्क, अशोक उद्यान, भूतनाथ में लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। कदमकंडी और अरना-झरना में भी पिकनिक मनाने वालों की भीड़ थी। कायलाना झील पर लोगों ने बोटिंग का मजा उठाया।
सुबह लोग अपने परिवार व मित्रों को लेकर मंडोर व गुरों का तालाब पहुंचे, लेकिन लोगों ने पहले ही अपना डेरा जमा रखा था। कुछ लोगों ने मंडोर की छतरियों व आसपास के इलाके में ही ‘गोठ’ का आनंद उठाया। कुछ लोग तो कायलाना, मंडोर व भोगिशैल की पहाड़ियों में ही पत्थर के अस्थाई चूल्हे बनाकर खाना पकाया।
चेहरे खिले, जमाने की उम्मीद जागी
मानसून की अच्छी वर्षा से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसान बीज खरीद कर बुवाई में जुट गए हैं। बुजुर्ग किसानों का कहना है कि इस बार अच्छे जमाने की पूरी उम्मीद बनी है। जिले में मानसून की लगातार वर्षा से दलहन की खेती के साथ ही चारा-पानी की उपलब्धता होने की खुशी किसानों के चेहरों पर स्पष्ट दिखाई दे रही है। जिन किसानों ने अब तक किसी कारण बुवाई नहीं की थी, वे भी रविवार को बीज-खाद की दुकानों पर खरीदारी करते दिखाई दिए।
किसानों ने बताया कि दो-दिन से हो रही लगातार वर्षा से दलहन की खेती के साथ ही पशुधन के लिए चारा तथा पीने के पानी की व्यवस्था हो गई है। सरकारी बीज की दुकान नेशनल सीड्स कारपोरेशन के संभागीय व्यवस्थापक राजेंद्रसिंह के अनुसार किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन बीज से 60 से 80 दिन में दलहनी फसल तैयार होगी। किसानों को अनुदानित दर पर मोठ का आरएमओ-40, मूंग का 851 किस्म का बीज, ग्वार का आरजीसी-1002 तथा तिल्ली का जी-1 बीज कारपोरेशन व सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।
लापरवाही बरती तो कर दूंगा सस्पेंड : पी रमेश
जोधपुर. बाढ़ नियंत्रण कक्ष के गठन की तैयारियों को लेकर रविवार को हुई बैठक में नगर निगम सीईओ पी रमेश ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने सफाई प्रभारियों समेत सभी कर्मचारियों को बारिश के दौरान मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
किसी कार्मिक ने लापरवाही बरती तो सस्पेंड कर दूंगा। सीईओ ने बिना सूचना गैरहाजिर रहे सरदारपुरा आयुक्त प्रेमाराम परमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। एक मुख्य सफाई निरीक्षक को भी सस्पेंड करने की चेतावनी दी। निगम मुख्यालय के कांफ्रेस कक्ष में हुई बैठक में सीईओ के अलावा सिटी मजिस्ट्रेट स्नेहलता पंवार, एएसपी (यातायात) प्रदीप मोहन शर्मा, गोताखोर दाउलाल मालवीय, आयुक्त शहर जुगल किशोर मीणा, सूरसागर आयुक्त ताराचंद गोसाई समेत मुख्य सफाई निरीक्षक मौजूद थे।
सीईओ ने कहा कि बारिश के दौरान कहीं रास्ते प्रभावित होने का अंदेशा हो तो तुरंत इसकी सूचना देंवे और निस्तारण करवाए। शहर की सीवरेज व ड्रेनेज व्यवस्था सुचारू करने के लिए एईएन सुखराम चौधरी को इस काम में आने वाले सभी संसाधनों का प्रभारी बनाया गया। राजस्व अधिकारी भगवानसिंह को बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नोडल अधिकारी का दायित्व सौपा है।
नालों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं
सीईओ ने नालों पर अतिक्रमण के कारण लोगों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि निगम ऐसे अतिक्रमण बिना नोटिस तोड़ देगा। कहीं बारिश का पानी जमा होता है तो ऐसे निर्माण भी हटाए जाएंगे।
ट्रैफिक डाइवर्ट करेंगे
बारिश के दौरान खतरनाक पुलिया पर पानी जमा होने की समस्या के समाधान को लेकर सीईओ ने कहा कि उस दौरान पुलिया से होकर गुजरने वाला ट्रैफिक अन्य मार्ग पर डाइवर्ट किया जाएगा। बैठक में फैसला लिया गया कि निगम बारिश के दौरान एफएम रेडियो पर सूचना प्रसारित कर लोगों को भराव वाले क्षेत्रों के बारे में जानकारी देगा ताकि लोग ऐसे इलाकों में जाने से बचें।
किसी कार्मिक ने लापरवाही बरती तो सस्पेंड कर दूंगा। सीईओ ने बिना सूचना गैरहाजिर रहे सरदारपुरा आयुक्त प्रेमाराम परमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। एक मुख्य सफाई निरीक्षक को भी सस्पेंड करने की चेतावनी दी। निगम मुख्यालय के कांफ्रेस कक्ष में हुई बैठक में सीईओ के अलावा सिटी मजिस्ट्रेट स्नेहलता पंवार, एएसपी (यातायात) प्रदीप मोहन शर्मा, गोताखोर दाउलाल मालवीय, आयुक्त शहर जुगल किशोर मीणा, सूरसागर आयुक्त ताराचंद गोसाई समेत मुख्य सफाई निरीक्षक मौजूद थे।
सीईओ ने कहा कि बारिश के दौरान कहीं रास्ते प्रभावित होने का अंदेशा हो तो तुरंत इसकी सूचना देंवे और निस्तारण करवाए। शहर की सीवरेज व ड्रेनेज व्यवस्था सुचारू करने के लिए एईएन सुखराम चौधरी को इस काम में आने वाले सभी संसाधनों का प्रभारी बनाया गया। राजस्व अधिकारी भगवानसिंह को बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नोडल अधिकारी का दायित्व सौपा है।
नालों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं
सीईओ ने नालों पर अतिक्रमण के कारण लोगों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि निगम ऐसे अतिक्रमण बिना नोटिस तोड़ देगा। कहीं बारिश का पानी जमा होता है तो ऐसे निर्माण भी हटाए जाएंगे।
ट्रैफिक डाइवर्ट करेंगे
बारिश के दौरान खतरनाक पुलिया पर पानी जमा होने की समस्या के समाधान को लेकर सीईओ ने कहा कि उस दौरान पुलिया से होकर गुजरने वाला ट्रैफिक अन्य मार्ग पर डाइवर्ट किया जाएगा। बैठक में फैसला लिया गया कि निगम बारिश के दौरान एफएम रेडियो पर सूचना प्रसारित कर लोगों को भराव वाले क्षेत्रों के बारे में जानकारी देगा ताकि लोग ऐसे इलाकों में जाने से बचें।
जल चेतना आंदोलन शुरू करें : जस्टिस सिंघवी
जोधपुर. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश गणपतसिंह सिंघवी ने कहा कि रोटरी क्लब को जल चेतना आंदोलन शुरू करना चाहिए। पानी की जरूरत कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी। ऐसा न हो कि पानी के लिए तीसरा विश्व युद्ध हो। हर घर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होना चाहिए।
जस्टिस सिंघवी रविवार को रोटरी क्लब में शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि परोपकार की भावना से काम करना चाहिए। अहंकार रहित दान ही फलीभूत होता है। दान की सार्थकता तभी है जब पब्लिसिटी न की जाए। सत्य, अहिंसा व अपरिग्रह ही शांति का मूल है। चरित्र, गुण व कार्यशैली को इतना ऊंचा बनाएं कि संपूर्ण संसार आपका अनुसरण करे। पर्यावरण के प्रति चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इसके संरक्षण की जरूरत है क्योंकि प्रकृति कभी किसी को माफ नहीं करती। प्रकृति का शोषण करने की बजाय उसे मित्र समझें।
इन्होंने ली शपथ
पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर विनोद भाटिया ने छगनराज सुराणा को अध्यक्ष, सुरेंद्र बाफना को उपाध्यक्ष, मनोज मेहता को सचिव, घनश्याम अग्रवाल को सह सचिव, निरखचंद मेहता को कोषाध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। अनुराग मेहता, त्रिभुवनराज भंडारी, अशोक मेहता, सौरभ राठी, सुबोध मिन्नी, प्रो. सुशील भंडारी, सुशील कालानी को कार्यकारिणी सदस्य व निर्मल सिंघवी को सार्जेट एट आर्म की शपथ दिलाई गई। आरंभ में पूर्व अध्यक्ष प्रो. सुशील भंडारी ने अतिथियों का स्वागत किया। पूर्व सचिव अजीतराज मेहता ने गत वर्ष की गतिविधियां प्रस्तुत की।
गोल्ड मेडल दिए
समारोह में जस्टिस गणपतसिंह सिंघवी ने ई एंड टी टॉपर चारू गर्ग को डॉ. रेखा मेमोरियल, एमबीबीएस टॉपर दैन्य कुमार को पुरुषोत्तम हिसारिया, एमए हिंदी टॉपर पूजा जैन को डॉ. मोहनलाल जिज्ञासु गोल्ड मेडल प्रदान किए। रोटरी स्कूल को 11 हजार रुपए का चेक, सेवाधाम स्कूल को एक बच्चे की पढ़ाई के लिए विजय चौपड़ा की स्मृति में 8500 रुपए का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर सहायक प्रांतपाल राहुल सिंघवी, दिनेश मेहता आदि मौजूद थे।
जस्टिस सिंघवी रविवार को रोटरी क्लब में शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि परोपकार की भावना से काम करना चाहिए। अहंकार रहित दान ही फलीभूत होता है। दान की सार्थकता तभी है जब पब्लिसिटी न की जाए। सत्य, अहिंसा व अपरिग्रह ही शांति का मूल है। चरित्र, गुण व कार्यशैली को इतना ऊंचा बनाएं कि संपूर्ण संसार आपका अनुसरण करे। पर्यावरण के प्रति चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इसके संरक्षण की जरूरत है क्योंकि प्रकृति कभी किसी को माफ नहीं करती। प्रकृति का शोषण करने की बजाय उसे मित्र समझें।
इन्होंने ली शपथ
पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर विनोद भाटिया ने छगनराज सुराणा को अध्यक्ष, सुरेंद्र बाफना को उपाध्यक्ष, मनोज मेहता को सचिव, घनश्याम अग्रवाल को सह सचिव, निरखचंद मेहता को कोषाध्यक्ष पद की शपथ दिलाई। अनुराग मेहता, त्रिभुवनराज भंडारी, अशोक मेहता, सौरभ राठी, सुबोध मिन्नी, प्रो. सुशील भंडारी, सुशील कालानी को कार्यकारिणी सदस्य व निर्मल सिंघवी को सार्जेट एट आर्म की शपथ दिलाई गई। आरंभ में पूर्व अध्यक्ष प्रो. सुशील भंडारी ने अतिथियों का स्वागत किया। पूर्व सचिव अजीतराज मेहता ने गत वर्ष की गतिविधियां प्रस्तुत की।
गोल्ड मेडल दिए
समारोह में जस्टिस गणपतसिंह सिंघवी ने ई एंड टी टॉपर चारू गर्ग को डॉ. रेखा मेमोरियल, एमबीबीएस टॉपर दैन्य कुमार को पुरुषोत्तम हिसारिया, एमए हिंदी टॉपर पूजा जैन को डॉ. मोहनलाल जिज्ञासु गोल्ड मेडल प्रदान किए। रोटरी स्कूल को 11 हजार रुपए का चेक, सेवाधाम स्कूल को एक बच्चे की पढ़ाई के लिए विजय चौपड़ा की स्मृति में 8500 रुपए का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर सहायक प्रांतपाल राहुल सिंघवी, दिनेश मेहता आदि मौजूद थे।
फुटपाथ से हटेंगे अतिक्रमण
जोधपुर. नगर निगम ने शहर की मुख्य सड़कों व फुटपाथ पर सामान सजाने वाले दुकानदारों को अंतिम हिदायत देते हुए फुटपाथ खाली रखने को कहा है। निगम का दस्ता सोमवार को ऐसे दुकानदारों से सामान हटाने का आग्रह करेगा और हिदायत के बावजूद सामान नहीं हटाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सामान जब्त करेगा। राजस्व व अतिक्रमण आयुक्त दलवीरसिंह ने बताया कि सोमवार से निगम यातायात में बाधक बने फुटपाथी अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू करेगा। इस दौरान सड़क सीमा में किया गया पक्का निर्माण भी हटाया जाएगा।
दुकानों की नीलामी आज
निगम सोमवार को आनंद सिनेमा के सामने नाले की दुकानों की नीलामी करेगा। दो दिन पहले नीलामी में किसी के हिस्सा नहीं लेने के बाद इसको अगली तिथि तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। इस नाले पर कुल 15 दुकानों के भूखंडों की नीलामी प्रस्तावित है। निगम ने सोमवार को पांच दुकानों के भूखंडों की नीलामी फिर से रखी है।
दुकानों की नीलामी आज
निगम सोमवार को आनंद सिनेमा के सामने नाले की दुकानों की नीलामी करेगा। दो दिन पहले नीलामी में किसी के हिस्सा नहीं लेने के बाद इसको अगली तिथि तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। इस नाले पर कुल 15 दुकानों के भूखंडों की नीलामी प्रस्तावित है। निगम ने सोमवार को पांच दुकानों के भूखंडों की नीलामी फिर से रखी है।
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